अध्याय 18 · मोक्ष-संन्यास का योग

मोक्ष संन्यास योग

अंतिम अध्याय। संन्यास, कर्म, ज्ञान, भक्ति, सब एक सूत्र में बँधे। अर्जुन अंत में कहते हैं: जैसा आप कहते हैं, वैसा करूँगा।

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Wisdom translation, edited by Ankur Shukla. Commentary AI-drafted, human-reviewed. Reviewed June 2026. Methodology →

Krishna and Arjuna — the final teaching and complete surrender
प्रथम श्लोक · 18.1
अर्जुन उवाचसंन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम् । त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ॥
अर्जुन बोले हे महाबाहो हे हृषीकेश हे केशिनिषूदन मैं संन्यास और त्यागका तत्त्व अलगअलग जानना चाहता हूँ ॥
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