अध्याय 17 · त्रिविध श्रद्धा का योग

श्रद्धात्रय विभाग योग

तीन प्रकार की श्रद्धा। तीन प्रकार का अन्न, यज्ञ, दान। आपकी रोज़मर्रा की पसंद आपके बारे में क्या कहती है।

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Wisdom translation, edited by Ankur Shukla. Commentary AI-drafted, human-reviewed. Reviewed June 2026. Methodology →

Krishna on the three kinds of faith — Shraddha
प्रथम श्लोक · 17.1
अर्जुन उवाचये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयाऽन्विताः । तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ॥
अर्जुन बोले हे कृष्ण जो मनुष्य शास्त्रविधिका त्याग करके श्रद्धापूर्वक देवता आदिका पूजन करते हैं, उनकी निष्ठा फिर कौनसी है सात्त्विकी है अथवा राजसीतामसी ॥
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