अनुद्वेगकरं वाक्यं सत्यं प्रियहितं च यत् । स्वाध्यायाभ्यसनं चैव वाङ्मयं तप उच्यते ॥
हिन्दी अनुवाद
उद्वेग न करनेवाला, सत्य, प्रिय, हितकारक भाषण तथा स्वाध्याय और अभ्यास करना यह वाणीसम्बन्धी तप कहा जाता है ॥
English
Speech that does not agitate, is truthful, pleasant, and beneficial, together with study and practice, is called austerity of speech.