अध्याय 12 · भक्ति का योग

भक्ति योग

भक्ति का मार्ग। कृष्ण कहते हैं: सबसे प्रिय, सबसे सुगम।

सभी 20 श्लोक नीचे।

Wisdom translation, edited by Ankur Shukla. Commentary AI-drafted, human-reviewed. Reviewed June 2026. Methodology →

Arjuna asking Krishna about the path of devotion — Bhakti Yoga
प्रथम श्लोक · 12.1
अर्जुन उवाचएवं सततयुक्ता ये भक्तास्त्वां पर्युपासते । येचाप्यक्षरमव्यक्तं तेषां के योगवित्तमाः ॥
जो भक्त इस प्रकार निरन्तर आपमें लगे रहकर आपसगुण भगवान् की उपासना करते हैं और जो अविनाशी निराकारकी ही उपासना करते हैं, उनमेंसे उत्तम योगवेत्ता कौन हैं ॥
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