अध्याय 15 · पुरुषोत्तम का योग

पुरुषोत्तम योग

संसार उल्टा वृक्ष, मूल ऊपर, शाखाएँ नीचे। वैराग्य की कुल्हाड़ी से काटो, मूल खोजो।

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Wisdom translation, edited by Ankur Shukla. Commentary AI-drafted, human-reviewed. Reviewed June 2026. Methodology →

Krishna as the Supreme Person — Purushottama Yoga
प्रथम श्लोक · 15.1
श्री भगवानुवाचऊर्ध्वमूलमधःशाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम् । छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदवित् ॥
श्रीभगवान् बोले ऊपरकी ओर मूलवाले तथा नीचेकी ओर शाखावाले जिस संसाररूप अश्वत्थवृक्षको अव्यय कहते हैं और वेद जिसके पत्ते हैं, उस संसारवृक्षको जो जानता है, वह सम्पूर्ण वेदोंको जाननेवाला है ॥
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