वीतरागभयक्रोधा मन्मया मामुपाश्रिताः । बहवो ज्ञानतपसा पूता मद्भावमागताः ॥
Hindi · हिन्दी
राग, भय और क्रोधसे सर्वथा रहित, मेरेमें ही तल्लीन, मेरे ही आश्रित तथा ज्ञानरूप तपसे पवित्र हुए बहुतसे भक्त मेरे भाव स्वरूप को प्राप्त हो चुके हैं ॥
English
Many, purified by the austerity of knowledge, free from attachment, fear, and anger, absorbed in Me and taking refuge in Me, have attained My being.