नेहाभिक्रमनाशोऽस्ति प्रत्यवायो न विद्यते । स्वल्पमप्यस्य धर्मस्य त्रायते महतो भयात् ॥
Hindi · हिन्दी
मनुष्यलोकमें इस समबुद्धिरूप धर्मके आरम्भका नाश नहीं होता, इसके अनुष्ठानका उलटा फल भी नहीं होता और इसका थोड़ासा भी अनुष्ठान जन्ममरणरूप महान् भयसे रक्षा कर लेता है ॥
English
In this human world, no effort toward this steady wisdom is ever lost. No harmful result comes from it. Even a little practice of this dharma protects one from great fear.