बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदुष्कृते । तस्माद्योगाय युज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम् ॥
हिन्दी अनुवाद
बुद्धिसमता से युक्त मनुष्य यहाँ जीवित अवस्थामें ही पुण्य और पाप दोनोंका त्याग कर देता है । अतः तू योगसमता में लग जा, क्योंकि योग ही कर्मोंमें कुशलता है ॥
English
One who is united with clear discernment casts off both good and bad deeds in this life. Therefore, devote yourself to yoga, for yoga is skill in action.