या निशा सर्वभूतानां तस्यां जागर्ति संयमी । यस्यां जाग्रति भूतानि सा निशा पश्यतो मुनेः ॥
Hindi · हिन्दी
सम्पूर्ण प्राणियों की जो रात परमात्मासे विमुखता है, उसमें संयमी मनुष्य जागता है, और जिसमें सब प्राणी जागते हैं भोग और संग्रहमें लगे रहते हैं, वह तत्त्वको जाननेवाले मुनिकी दृष्टिमें रात है ॥
English
What is night for all beings is wakefulness for the self-controlled one. What all beings wake toward is night for the seer who knows the real.