अर्जुन उवाचनष्टो मोहः स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युत । स्थितोऽस्मि गतसन्देहः करिष्ये वचनं तव ॥
Hindi · हिन्दी
अर्जुन बोले हे अच्युत आपकी कृपासे मेरा मोह नष्ट हो गया है और स्मृति प्राप्त हो गयी है । मैं सन्देहरहित होकर स्थित हूँ । अब मैं आपकी आज्ञाका पालन करूँगा ॥
English
Arjuna said: By your grace, O Achyuta, my delusion is destroyed and memory restored. I stand free of doubt and will do what you say.