गामाविश्य च भूतानि धारयाम्यहमोजसा । पुष्णामि चौषधीः सर्वाः सोमो भूत्वा रसात्मकः ॥
Hindi · हिन्दी
मैं ही पृथ्वीमें प्रविष्ट होकर अपनी शक्तिसे समस्त प्राणियोंको धारण करता हूँ और मैं ही रसमय चन्द्रमाके रूपमें समस्त ओषधियोंवनस्पतियों को पुष्ट करता हूँ ॥
English
Entering the earth, I sustain all beings with my power. Becoming the moon of life-giving essence, I nourish all plants.