श्री भगवानुवाचसुदुर्दर्शमिदं रूपं दृष्टवानसि यन्मम । देवा अप्यस्य रूपस्य नित्यं दर्शनकाङ्क्षिणः ॥
हिन्दी अनुवाद
श्रीभगवान् बोले मेरा यह जो रूप तुमने देखा है, इसके दर्शन अत्यन्त ही दुर्लभ हैं । इस रूपको देखनेके लिये देवता भी नित्य लालायित रहते हैं ॥
English
Krishna said: The form you have seen is very hard to behold. Even the radiant beings long forever to see it.