उत्सीदेयुरिमे लोका न कुर्यां कर्म चेदहम् । सङ्करस्य च कर्ता स्यामुपहन्यामिमाः प्रजाः ॥
Hindi · हिन्दी
हे पार्थ अगर मैं किसी समय सावधान होकर कर्तव्यकर्म न करूँ तो बड़ी हानि हो जाय क्योंकि मनुष्य सब प्रकारसे मेरे ही मार्गका अनुसरण करते हैं । यदि मैं कर्म न करूँ, तो ये सब मनुष्य नष्टभ्रष्ट हो जायँ और मैं वर्णसंकरताको करनेवाला तथा इस समस्त प्रजाको नष्ट करनेवाला बनूँ ॥
English
If I did not act, these worlds would fall into ruin. I would create disorder and destroy these people.