ज्योतिषामपि तज्ज्योतिस्तमसः परमुच्यते । ज्ञानं ज्ञेयं ज्ञानगम्यं हृदि सर्वस्य विष्ठितम् ॥
Hindi · हिन्दी
वह परमात्मा सम्पूर्ण ज्योतियोंका भी ज्योति और अज्ञानसे अत्यन्त परे कहा गया है । वह ज्ञानस्वरूप, जाननेयोग्य, ज्ञानसाधनसमुदाय से प्राप्त करनेयोग्य और सबके हृदयमें विराजमान है ॥
English
It is the light of all lights, beyond darkness. It is knowledge, the knowable, reached through knowledge, and abiding in every heart.