आज का श्लोक · शनिवार, 8 अगस्त 2026

भगवद् गीता 8.21

"The highest arrival is beyond return."

अव्यक्तोऽक्षर इत्युक्तस्तमाहुः परमां गतिम्
यं प्राप्य निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम
हिन्दी अनुवाद
उसीको अव्यक्त और अक्षर कहा गया है और उसीको परमगति कहा गया है तथा जिसको प्राप्त होनेपर जीव फिर लौटकर नहीं आते, वह मेरा परमधाम है ॥
English
That is called the unmanifest and the imperishable. It is the highest goal. Having reached it, one does not return. It is my supreme abode.
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